इस बार सभी Board की परीक्षाएं जल्दी हो रही है, चाहे वो CBSE हो या कोई State Board. परीक्षा की तैयारी के लिए थोड़ा कम वक्त है, लेकिन आप इन Tips का सहारा लेकर बिना टेंशन के पढ़ाई कर सकते हैं.
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा तिथियों की घोषणा कर दी है. परीक्षा कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही विद्यार्थियों के दिल की धड़कनें तेज हो गई हैं, और वे तनाव में हैं. उनकी तनाव की वजह Exam का थोड़ा पहले होना भी है. लेकिन आप तनाव को दूर रखकर हंसते-खेलते पढ़ाई करके Exam के इस दिक्कत को पार कर सकते हैं.
परीक्षा की तैयारी के लिए समय भले ही कम है, लेकिन मनोविज्ञानी डॉ. समीर पारेख Exam तिथियों के थोड़ा आगे-पीछे होने को महत्व नहीं देते. उन्होंने आईएएनएस से कहा, 'मुझे लगता है कि बोर्ड Exam कब हो रहे हैं, इस बात को महत्व नहीं देना चाहिए, क्योंकि Exam हर साल आते हैं. 10 दिन पहले आएं, 10 दिन बाद आएं, इससे फर्क नहीं पड़ता है. बच्चों को Dtae के बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहिए.'
यहां फोर्टिस हेल्थकेयर में मेंटल हेल्थ केयर एंड बिहेवियरल साइंसेस के निदेशक डॉ. पारेख का कहना है, Exam कब होते हैं, Exam में क्या सवाल पूछे जाते हैं, Exam देने के बाद क्या रिजल्ट आता है, ये तीनों चीजें हमारे नियंत्रण में नहीं होतीं, जो चीज हमारे नियंत्रण में न हो, हमें उस बारे में नहीं सोचना चाहिए. आपने साल भर जो मेहनत की है, उसके साथ आत्मविश्वास जगाएं, अभी भी परीक्षा में काफी time है.'
बिंदापुर स्थित सैनिक पब्लिक स्कूल की शिक्षिका मीनाक्षी ने बताया कि बच्चों का सिलेबस पूरा हो चुका है. रिविजन चल रहा है. उन्हें सारी चीजें दोबारा समझा रहे हैं, जिस students को जो समस्या है, वे उसे पूछ रहे हैं और पढ़ाई में जुटे हुए हैं. प्रीबोर्ड से उन्हें काफी लाभ मिलता है, इससे उन्हें आइडिया लग जाता है कि Paper कैसे आता है.
बच्चे कैसे तनावमुक्त होकर तैयारी करें?
डॉ. पारेख कहते हैं, 'हंसते-खेलते पढ़ाई करें और हंसते-खेलते परीक्षा दें, क्योंकि जब हम तनाव कम रखते हैं, तो मार्क्स ज्यादा आते हैं. पढ़ाई के दिनों में खेल-खेलने से भी अच्छे मार्क्स आते हैं, क्योंकि आप रिलेक्स होते हैं. इस तरह की चीजों को बच्चों को महत्व देना चाहिए.'
उन्होंने आगे कहा, 'जीवनशैली अच्छी करें, आउटडोर एक्टीविटी करें, दूसरों से तुलना न करें, self Test लेने से मानसिक तनाव दूर होता है. तनाव महसूस कर रहे हैं तो पैरेंट्स से बात करें, रिलेक्स रहें.' परीक्षा के दौरान माता-पिता की भूमिका के बारे में डॉ. समीर ने कहा, 'पैरेंट्स को सकारात्मक रहना चाहिए. बच्चों का साथ दें, पढ़ाई में उनकी मदद करें, रोक-टोक नहीं करनी चाहिए. ध्यान रखें कि बच्चा परेशान न हो. अगर तनाव में है तो तनाव कम करने में मदद करें, आत्मविश्वास दिलाएं.'

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