वोल्टमीटर और अमीटर में क्या अंतर है?
वोल्टमीटर : वोल्टमीटर एक प्रकार का उपकरण होता है जिसके द्वारा दो बिंदुओं के बीच का इलेक्ट्रिकल पोटेंशियल डिफरेंस मापा जाता है किसी भी इलेक्ट्रिक सर्किट का. वोल्टमीटर को किसी भी डिवाइस में हमेशा पैरेलल लगाया जाता है उसके वोल्टेज को मापने के लिए. कोई भी एनालॉग वोल्टमीटर पॉइंटर को मूव कराता है किसी सर्किट के वोल्टेज के अनुपात में. वहीं डिजिटल वोल्टमीटर एक संख्यात्मक प्रदर्शन देता है। कोई भी माप क्यों न हो उसे वोल्टेज में परिवर्तित कर सकते है जिसे ठीक से कैलिब्रेट किए गए मीटर पर शो करा सकते है; इस तरह के मापों में दबाव, तापमान और प्रवाह, आदि शामिल हैं।
अमीटर : अमीटर किसी भी इलेक्ट्रिक सर्किट में इलेक्ट्रिक करंट को मापने के काम आती है. नाम विद्युत धारा, एम्पीयर (A) के लिए एसआई इकाई के नाम से लिया गया है। जब हम किसी भी डिवाइस का करन्ट मापते हैं तो डिवाइस में अमीटर सीरीज में ही होना चाहिए क्यूंकि ऑब्जेक्ट जब सीरीज में होता है तब ही वो समान करंट का अनुभव करता है. और इसका वोल्टेज सोर्स से कनेक्शन भी नहीं होना चाहिए. अमीटर को इस प्रकार डिज़ाइन किया जाता है जिससे उसपे कम से कम भर आने की संभावना हो।
वोल्टमीटर और अमीटर में अंतर :-
- वोल्टमीटर एक उपकरण होता है जो इलेक्ट्रिक सर्किट में दो बिंदुओं के बीच का पोटेंशियल डिफरेंस बताता है. जबकि अमीटर विधुत करंट को मापता है किसी भी इलेक्ट्रिक सर्किट के.
- वोल्टमीटर हमेशा पैरेलल लगाया जाता है किसी भी डिवाइस में और अमीटर सीरीज में.
- वोल्टमीटर वोल्टेज को मापता है पैरेलल लग के और अमीटर करंट को मापता है सीरीज में लग के.
- अमीटर ज्यादा सटीक उत्तर प्रदान करता है वोल्टमीटर की अपेक्षा.
- अमीटर में कम रेजिस्टेंस होता है जबकि वोल्टमीटर में अधिक रेजिस्टेंस होता है.
- अमीटर में रेंज को बदला नहीं जा सकता जबकि वोल्टमीटर में रेंज को बदला जा सकता है.
- अमीटर का सिम्ब्ल:
और वोल्टमीटर का सिम्ब्ल:

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